मानेंद्र कुमार
रुद्रप्रयाग
विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं श्रद्धालु हितैषी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा बुधवार को स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने देर रात्रि हुए लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्र का भी निरीक्षण किया तथा राहत एवं सुरक्षा कार्यों की स्थिति की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने पैदल मार्ग पर चलकर यात्रा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को परखा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न पड़ावों पर रुककर बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से सीधे संवाद स्थापित किया और यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत फीडबैक लिया। यात्रियों से बातचीत के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, विश्राम स्थलों एवं मेडिकल सहायता जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा एवं सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कई यात्रियों ने कहा कि प्रशासन की सक्रियता एवं लगातार निगरानी के कारण यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है तथा मार्ग में तैनात पुलिस, स्वास्थ्य एवं सफाई कर्मियों द्वारा निरंतर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक संचालित शटल टैक्सी व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने यात्रियों से शटल सेवा की उपलब्धता, संचालन व्यवस्था एवं सुविधा के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं परिवहन से जुड़े कार्मिकों को निर्देश दिए कि शटल सेवा का संचालन व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से किया जाए, ताकि यात्रियों को अनावश्यक प्रतीक्षा या असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यात्री सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं निर्धारित मानकों के अनुसार वाहनों के संचालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर प्रत्येक व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मौसम की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों एवं संवेदनशील क्षेत्रों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी विभाग पूरी समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।